देश से जेम्स–ज्वेलरी निर्यात अक्टूबर महीने में घटकर 19,173 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30.57% कम है। जेम्स–ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष इसी अवधि में निर्यात 26,237 करोड़ रुपये रहा था। कट एंड पॉलिश्ड डायमंड सेगमेंट में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। इस श्रेणी का निर्यात 26.97% घटकर 9,071 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 11,806 करोड़ रुपये था। इसी तरह, पॉलिश्ड लैब-ग्रोन डायमंड का निर्यात 34.90% घटकर लगभग 834 करोड़ रुपये रह गया है।
सोने के गहनों का निर्यात भी दबाव में रहा और 28.4% की गिरावट के साथ 7,520 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 9,975 करोड़ रुपये था। चांदी के आभूषण सेगमेंट में भी कमी देखी गई, जहाँ निर्यात 16% घटकर 1,073 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल से अक्टूबर के बीच कलर्ड जेमस्टोन निर्यात में भी नरमी देखी गई, जो 3.21% घटकर 2,173 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह लगभग 2,164 करोड़ रुपये था।
अक्टूबर में निर्यात घटने का मुख्य कारण अमेरिका में लगाए गए कड़े टैरिफ हैं। त्योहारों के लिए प्रमुख ऑर्डर 27 अगस्त को टैरिफ लागू होने से पहले ही भेज दिए गए थे, जिसके कारण अक्टूबर में मांग कमजोर रही। इसके अलावा, बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण सोना और चांदी के आभूषण निर्यात पर भी असर पड़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवंबर से निर्यात में सुधार देखने को मिलेगा, क्योंकि चीन के बाजार धीरे-धीरे सुधार रहे हैं और क्रिसमस सीजन के चलते अन्य प्रमुख बाजारों में भी मांग बढ़ने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया है, जिसका जेम्स–ज्वेलरी क्षेत्र पर सीधा प्रभाव पड़ा है। अमेरिका इस क्षेत्र का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बाजार माना जाता है