हवाई यात्रा को अक्सर लोग एक सामान्य सफर मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार उड़ान के दौरान शरीर में कई महत्वपूर्ण शारीरिक परिवर्तन होते हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. दिमित्री यारानोव ने बताया कि ऊंचाई पर उड़ान के दौरान शरीर को कम दबाव और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है, जिससे हृदय और शरीर के अन्य अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
विशेषज्ञ के अनुसार विमान के केबिन में दबाव कम होने के कारण रक्त में ऑक्सीजन का स्तर घट जाता है। ऐसे में शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए हृदय को अधिक तेजी से और अधिक मेहनत से रक्त पंप करना पड़ता है। इसके साथ ही केबिन की हवा अत्यधिक शुष्क होने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे रक्त गाढ़ा हो जाता है और रक्त संचार प्रभावित हो सकता है।
लंबे समय तक एक ही स्थान पर बैठे रहने से पैरों में रक्त का प्रवाह धीमा पड़ जाता है, जिससे पैरों में सूजन या भारीपन महसूस हो सकता है। इसके अलावा शुष्क हवा श्वसन नलिकाओं को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कुछ समय के लिए कमजोर हो सकती है।
इन समस्याओं से बचने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ सरल सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। उड़ान से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। यात्रा के दौरान नमक और शराब का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है और रक्त अधिक गाढ़ा हो सकता है।
इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहने से बचने के लिए समय-समय पर उठकर चलना या हल्की स्ट्रेचिंग करना लाभदायक माना जाता है। उड़ान के बाद तेज चलने से रक्त संचार सामान्य होने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी आदतें अपनाकर हवाई यात्रा के दौरान हृदय और शरीर के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल की जा सकती है।