नवंबर महीने में देश के निर्यात में मजबूत उछाल दर्ज किया गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 में निर्यात सालाना आधार पर 19.37 प्रतिशत बढ़कर 38.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले छह महीनों का उच्चतम स्तर है। इसी दौरान आयात 1.88 प्रतिशत घटकर 62.66 अरब डॉलर रहा, जिससे व्यापार घाटा घटकर 24.53 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे कम है। अमेरिका को भारत का निर्यात नवंबर में 22 प्रतिशत बढ़कर 6.97 अरब डॉलर हो गया, जबकि अक्टूबर में यह घटकर 6.3 अरब डॉलर रहा था। नवंबर में आई इस तेजी से यह संकेत मिलता है कि टैरिफ का असर सीमित रहा है।
नवंबर के दौरान अमेरिका के अलावा चीन में 90.12 प्रतिशत, स्पेन में 181.33 प्रतिशत, यूएई में 13.16 प्रतिशत और तंजानिया में 126.36 प्रतिशत की निर्यात वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में सोने के आयात में बड़ी गिरावट देखने को मिली। नवंबर में सोने का आयात 59.15 प्रतिशत घटकर 4 अरब डॉलर रह गया, जबकि कच्चे तेल का आयात भी 11.27 प्रतिशत घटकर 14.11 अरब डॉलर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार सोने के आयात में आई कमी से व्यापार घाटा घटाने में बड़ी मदद मिली है।
क्षेत्रवार देखें तो इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, केमिकल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 11.65 प्रतिशत बढ़कर 3.93 अरब डॉलर पहुंच गया। इसके अलावा चाय, कॉफी, आयरन ओर, काजू, तिलहन, डेयरी, हस्तशिल्प, मरीन और लेदर उत्पादों के निर्यात में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली। हालांकि चावल, कार्पेट और प्लास्टिक के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई। सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। नवंबर में सेवाओं का निर्यात 35.86 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 32.11 अरब डॉलर था।
अप्रैल से नवंबर 2025 की अवधि में कुल निर्यात 2.62 प्रतिशत बढ़कर 292.07 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 5.59 प्रतिशत बढ़कर 515.21 अरब डॉलर पहुंच गया। इस अवधि में कुल व्यापार घाटा 223.14 अरब डॉलर रहा।