देश के आठ प्रमुख (कोर) सेक्टरों की वृद्धि नवंबर 2025 में सालाना आधार पर घटकर 1.8% रह गई, जबकि पिछले वर्ष नवंबर में यह ग्रोथ 5.8% थी। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों और बिजली उत्पादन जैसे अहम क्षेत्रों में उत्पादन घटने से कुल कोर सेक्टर की ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ा। हालांकि, मासिक आधार पर यानी अक्टूबर 2025 की तुलना में नवंबर में स्थिति में सुधार देखा गया है। सरकार ने सोमवार को ये आंकड़े जारी किए। नवंबर महीने में कोयला उत्पादन की वृद्धि 2.1% रही, लेकिन अप्रैल से नवंबर 2025-26 की अवधि में कोयला उत्पादन में कुल 1.4% की गिरावट दर्ज की गई।
इस अवधि में कच्चे तेल के उत्पादन में 3.2% और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 2.5% की कमी आई, जबकि अप्रैल से नवंबर के दौरान कच्चे तेल में 1.3% और प्राकृतिक गैस में 3% की गिरावट दर्ज की गई। पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में नवंबर में 0.9% की कमी आई, हालांकि अप्रैल से नवंबर 2025-26 के दौरान इसमें 0.2% की मामूली वृद्धि दर्ज की गई। उर्वरक (फर्टिलाइजर) सेक्टर ने नवंबर में 5.6% की ग्रोथ दिखाई, जबकि अप्रैल से नवंबर के दौरान इसकी कुल वृद्धि 1.3% रही।
स्टील और सीमेंट सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत रहा। नवंबर में स्टील उत्पादन 6.1% बढ़ा और अप्रैल से नवंबर 2025-26 के दौरान इसमें 9.7% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सीमेंट उत्पादन नवंबर में 14.5% बढ़ा, जबकि इस अवधि में इसकी कुल ग्रोथ 8.2% रही। बिजली उत्पादन नवंबर में 2.2% घटा और अप्रैल से नवंबर 2025-26 के दौरान इसमें कुल 0.3% की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर, अप्रैल से नवंबर के दौरान आठ कोर सेक्टरों की ग्रोथ 2.4% रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 4.4% की तुलना में काफी कम है।