केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं से आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी कराने की अपील की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश में 33 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण प्रणाली के जरिए अपना इलेक्ट्रॉनिक ग्राहक सत्यापन पूरा करना होगा।
मंत्रालय ने बताया कि अब उपभोक्ता अपने घर बैठे ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मोबाइल ऐप और आधार फेस आरडी ऐप की मदद से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 10.51 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए रसोई गैस पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए हर वर्ष बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। हालांकि, लाभार्थियों को ई-केवाईसी के बिना भी एक वित्तीय वर्ष में सात एलपीजी रिफिल तक मिल सकते हैं, जिससे गैस आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
लेकिन यदि किसी लाभार्थी को एक वित्तीय वर्ष में सात से अधिक बार गैस सिलेंडर भरवाना है, तो उसे बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार ई-केवाईसी करवाना आवश्यक है।
गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना जमा राशि के एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की गई थी। बाद में सरकार ने योजना के तहत 14.2 किलोग्राम के गैस सिलेंडर पर 200 रुपये की लक्षित सब्सिडी देना शुरू किया, जिसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया ताकि गरीब परिवारों के लिए रसोई गैस अधिक किफायती हो सके।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते तेल और गैस कंपनियों ने 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की। इसके बाद दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई, जबकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए इसकी कीमत 613 रुपये है।
सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति वर्ष नौ बार तक गैस सिलेंडर भरवाने पर प्रति सिलेंडर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 12,000 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी है।